आज के समय में धूप को लेकर लोगों के मन में काफी भ्रम है। एक तरफ कुछ लोग कहते हैं कि धूप से त्वचा खराब हो जाती है, झाइयाँ और टैनिंग हो जाती है, वहीं दूसरी तरफ कुछ त्वचा विशेषज्ञ धूप में जाने की सलाह देते हैं। इसी कारण बहुत से लोग Dermatologist Dr. Atul Kathed से यह सवाल बार-बार पूछते हैं कि जब दूसरे डॉक्टर धूप से बचने को कहते हैं, तो आप क्या धूप से डरना सही है?
इस सवाल का जवाब केवल त्वचा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे पूरे शरीर और आज की जीवनशैली से जुड़ा हुआ है।

आज की इंडोर लाइफस्टाइल और धूप की कमी
Dr. Atul Kathed के अनुसार, आजकल हमारी ज़िंदगी पूरी तरह इंडोर हो गई है। पहले लोग खेतों में काम करते थे, बाहर निकलते थे, पैदल चलते थे और स्वाभाविक रूप से सूरज की रोशनी उनके शरीर को मिलती थी। लेकिन आज अधिकतर लोग सुबह से शाम तक घर या ऑफिस के अंदर रहते हैं।
ऑफिस में काम करते समय हम प्राकृतिक रोशनी के बजाय LED लाइट और वॉर्म लाइट का उपयोग करते हैं। इन कृत्रिम रोशनीयों में सूरज की तरह प्राकृतिक स्पेक्ट्रम नहीं होता, खासकर रेड लाइट एलिमेंट लगभग गायब होता है। इसका सीधा असर हमारे शरीर की कोशिकाओं पर पड़ता है।

रेड लाइट और माइटोकॉन्ड्रिया का संबंध
हमारे शरीर की हर कोशिका में माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) मौजूद होता है, जिसे कोशिका का पावरहाउस कहा जाता है। यह हमें ऊर्जा प्रदान करता है। जब शरीर को सूरज की रेड लाइट का पर्याप्त एक्सपोज़र नहीं मिलता, तो माइटोकॉन्ड्रिया जल्दी थकने लगता है।
Dr. Atul Kathed बताते हैं कि माइटोकॉन्ड्रिया के कमजोर होने से शरीर में थकान बढ़ती है, त्वचा की चमक कम होती है और एजिंग की प्रक्रिया तेज़ हो जाती है। यही कारण है कि आज कम उम्र में ही लोग थके हुए, सुस्त और उम्र से बड़े दिखने लगते हैं।

धूप और एजिंग का कनेक्शन
अक्सर लोगों को लगता है कि धूप से एजिंग बढ़ती है, जबकि सच्चाई यह है कि सही समय और सही मात्रा में ली गई धूप एजिंग को धीमा करती है। सूरज की रोशनी शरीर में कई ज़रूरी प्रक्रियाओं को सक्रिय करती है, जो त्वचा और शरीर दोनों के लिए फायदेमंद हैं।
Dr. Atul Kathed के अनुसार, धूप से पूरी तरह दूर रहना एक तरह से शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा से वंचित करना है।
धूप से मिलने वाले स्वास्थ्य लाभ
यदि आप युवा बने रहना चाहते हैं, हड्डियों को मज़बूत रखना चाहते हैं, मेटाबॉलिज़्म को तेज़ रखना चाहते हैं और इम्युनिटी को बेहतर बनाना चाहते हैं, तो धूप बेहद ज़रूरी है।
धूप के मुख्य फायदे:
- शरीर में विटामिन D का निर्माण
- हड्डियों और मांसपेशियों की मजबूती
- इम्युनिटी में सुधार
- बेहतर मेटाबॉलिज़्म
- मूड और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार
- त्वचा कोशिकाओं की प्राकृतिक मरम्मत

धूप में कैसे जाएँ? Dr. Atul Kathed की सलाह
धूप में जाना मतलब यह नहीं कि घंटों तेज़ धूप में बिना सुरक्षा के खड़े रहें। Dr. Atul Kathed सलाह देते हैं कि:
- सुबह की हल्की धूप सबसे बेहतर होती है
- पूरे कपड़े पहनें, लेकिन शरीर का थोड़ा हिस्सा खुला रखें
- ज़रूरत के अनुसार सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें
- लंबे समय तक तेज़ दोपहर की धूप से बचें
इस तरह संतुलित रूप से ली गई धूप शरीर के लिए अमृत के समान काम करती है।
क्या धूप से डरना सही है?
नहीं। Dermatologist Dr. Atul Kathed के अनुसार, धूप से डरना नहीं, बल्कि उसे समझना ज़रूरी है। गलत समय और अत्यधिक धूप नुकसान पहुँचा सकती है, लेकिन सही समय और सीमित मात्रा में ली गई धूप शरीर के लिए अत्यंत लाभकारी है।

सूरज की धूप क्यों है सेहत के लिए ज़रूरी?
सूरज की धूप शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा देती है। यह न केवल त्वचा को, बल्कि हड्डियों, मांसपेशियों, इम्युनिटी और मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाती है। Dr. Atul Kathed मानते हैं कि धूप से दूरी बनाकर रखना लंबे समय में शरीर को कमजोर कर सकता है।
धूप की कमी से शरीर पर क्या असर पड़ता है?
धूप की कमी से शरीर में:
- विटामिन D की कमी
- हड्डियाँ कमजोर होना
- जल्दी थकान महसूस होना
- इम्युनिटी कमजोर होना
- समय से पहले एजिंग
- डिप्रेशन और चिड़चिड़ापन
जैसी समस्याएँ देखने को मिल सकती हैं।
निष्कर्ष
इंदौर के प्रसिद्ध त्वचा विशेषज्ञ Dr. Atul Kathed के अनुसार, धूप से डरना और पूरी तरह बचना सही नहीं है। आज की इंडोर जीवनशैली में धूप को सही तरीके से अपनाना बेहद ज़रूरी हो गया है। सही समय, सही मात्रा और सही समझ के साथ ली गई धूप आपको स्वस्थ, ऊर्जावान और युवा बनाए रखने में मदद करती है।
अगर आप अपनी त्वचा और सेहत को लंबे समय तक बेहतर रखना चाहते हैं, तो धूप को दुश्मन नहीं, बल्कि एक प्राकृतिक मित्र की तरह अपनाइए। और कम से कम 15 से 20 मिनट तक धूप का सेवन जरूर करें।










